Gaw Ke Bhootiya Ghar Ki Darawni Kahani – Ghost Story In Hindi

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हमारे गांव में एक Bhootiya Ghar है उसके पीछे एक बहुत ही Darawni Kahani है और मेरे साथ उस Bhootiya Ghar में भयानक घटना घटित हो चुका है तो आप यह Ghost Story In Hindi पढ़े और मेरे साथ जो भयानक घटना घटित हुआ वह बड़ा ही भयानक थाा। मैं आपको पूरी घटना इस कहानी में विस्तार से बताऊंगी तो आप इस कहानी को पूरा पढ़े और Darawni Kahani का आनंद लें।

Gaw Ke Bhootiya Ghar Ki Darawni Kahani - Ghost Story In Hindi

मेरा नाम रश्मि देसाई है और जब मैं 10th क्लास में पढ़ती थी। मेरे स्कूल में गर्मी की छुट्टियां मिलने पर मैं अपने दादा-दादी के पास अपने मां-पापा के साथ गांव चली गई। हमारे गांव में मेरे चाचा का परिवार और उनके साथ मेरे दादा दादी रहते थे। मेरे चाचा के एक लड़के और एक लड़की थी जो कि मेरे ही उम्र के थे यानी कि पिंकी 15 साल की और पिंटू और मैं 17 साल के थे। मैं जब पिछली बार अपने दादा-दादी के पास गई थी तब मैंने उस भूतिया घर के बारे में जाना था की 5 साल पहले उस घर में एक परिवार रहता था और रात के वक्त कुछ लोग उनके घर में चोरी करने गए और इसी बीच उन चोरों ने घर का सारा माल लूट लिया और घर में रहने वाले लोगों को भी मार दिया।

पुलिस आई जांच पड़ताल हुई और उस घर को बंद कर दिया गया और कहा जाता है कि जो भी रात के वक्त उस घर के पास जाता है वहां पर उन्हें आत्माएं दिखती है। इस बार मैंने सोच लिया था कि उस Bhootiya Ghar के अंदर जाना है क्योंकि मुझे भूत-प्रेतों पर विश्वास नहीं था और मुझे कुछ हटके करने का बहुत ही जबरदस्त शौक है।

मैं जिस दिन हमारे गांव पहुंची उसी दिन मैं अपने चाचा के लड़के जिसका नाम पिंटू और चाचा की लड़की पिंकी है उनसे मिलकर इस Bhootiya Ghar के अंदर जाने का फैसला करने लगे। वे दोनों जाना नहीं चाहते थे उस घर के अंदर क्योंकि उन दोनों ने उस घर के आस-पास आत्माएं देखे थे। फिर मैंने भी पिंटू और पिंकी से इस बारे में कोई बात नहीं की और दोपहर के खाना खाने के बाद मैं भी सो गई। शाम के वक्त में सो कर उठी ही थी तभी चाची के फोन पर किसी का कॉल आया था तूने उस कॉल को रिसीव किया कॉल खत्म होते ही चाची ने पिंटू को बुलाकर कहां कि तुम्हारे पापा ने तुम्हें खेत में सामान ले जाने के लिए कहा है तभी मैंने भी जिद कर दी कि मैं भी जाऊंगी पिंटू के साथ खेत और तभी पिंकी भी कहने लगी कि मैं भी जाऊंगी।

चाची ने कहा कि ठीक है सभी अच्छे से चले जाना और पिंटू अपनी साइकिल में जाने लगा और मैं पिंकी के साथ साइकिल में बैठकर जाने लगी। हम लोग जिस रास्ते से खेत जा रही थी उसी रास्ते में वह Bhootiya Ghar आता है। मैंने पिंकी से कहा कि तुमने और पिंटू ने उस घर में भूत देखा है, मुझे बताओ कि तुमने उस भूत को कैसे देखा उस दिन क्या हुआ था।

पिंकी ने कहा कि शाम के बाद मैं और भैया खेत से आ रहे थे उस घर के पास मैंने देखा कि खून से लतपत भयानक चेहरे वाला आदमी मेरी तरफ घूरे जा रहा था और मैं डर गई तभी मैंने भैया को उस घर की तरफ देखने को और भैया अभी वह नजारा देख डर गए और हम दोनों साइकिल लेकर वहां से बहुत ही तेज रफ्तार से भागे और सीधा घर में ही आकर रुक गए और पिंकी ने कहा मैंने यह बात मम्मी को बताइए और मम्मी ने पापा को बताया।

पिंकी कहने लगी मेरे पापा ने भी यहां पर कुछ भयानक सर्कल के आत्माओं को भटकते हुए देखा है हर गांव के कुछ लोगों ने भी देखा है पर वह किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। पिंकी की बातों से मुझे भी थोड़ा-थड़ा डर लगने लगा था। कुछ ही देर में वह घर के सामने से हम लोग गुजरने लगे और मैं उस घर की तरफ देखने लगी। घर की हालत ठीक नहीं थी घर टूट चुकी थी और वह जगह वीरान पड़ा था। फिर हम लोग चाचा के पास पहुंच गए चाचा ने कुछ सामान दिया और कहा कि घर ले जाओ।

पिंटू ने अपने साइकिल के पीछे सामान को बांध लिया और मैं पिंकी के साथ पीछे बैठकर घर आने लगी जैसे ही हम उस Bhootiya Ghar के पास पहुंचे तब तेज हवाएं चलने लगी और मेरा ध्यान घर की तरफ गया। मैंने देखा उस घर के पास एक बड़ा ही भयानक शक्ल का आदमी जिसका पूरा चेहरा खून से लतपत था। यह नजारा देख तो मैं तो डर ही गई और मेरे हाथ पैर कांपनेे लगे। मैंने पिंकी को घर की तरफ देखने को कहा और वह यह नजारा देख बहुत जोर से चिल्लाई और पिंटू ने भी तभी उस घर की तरफ देखा और वह भी भयानक नजारा देख डर गया‌। हम सब इतने डर गए हैं कि हमें किस चीज का होश नहीं रहा रहा और हम सब साइकिल लेकर सीधा घर पहुंचे और चैन की सांस ली।

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